25 + लखनऊ में घूमने की जगह | lucknow me ghumne ki jagah

अगर आप सभी लोग लखनऊ में घूमना चाहते हैं तो आप सभी लोग इस ब्लॉग को पूरा पढ़िएगा इस ब्लॉग में आप सभी लोगों को 25 से ज्यादा lucknow me ghumne ki jagah को दिखाने वाला हूं, और कुछ ऐसी जगह के बारे में बताऊंगा इसके बारे में जानकारी इंटरनेट नहीं है और अगर आप सभी लोग वहां पर आएंगे तो आप देखते रह जाएंगे ,

लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत की राजधानी और एक प्रमुख शहर है। यह एक प्राचीन और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में पहचानी जाती है, जिसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्वपूर्णता के आकर्षण स्थल बहुतायत समाहित हैं। शहर को “आदब की नगरी” और “नवाबों की नगरी” के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यहां कला, साहित्य, और गंधर्व-शास्त्र में गहरा रूचि और प्रभाव है।

लखनऊ का इतिहास समृद्ध है और इसे नवाबों की राजधानी के रूप में विख्यात किया गया है। यह नवाब अवध की संस्कृति, अर्थव्यवस्था, और रसोई से प्रभावित होता है। लखनऊ के इमारतों की मुख्य विशेषता उनके नवाबी शैली और इस्लामी वास्तुशास्त्र के सुंदर संयोजन में है। इमामबाड़ा, रुमी दरवाज़ा, बारा इमामबाड़ा, और छोटे इमामबाड़ा जैसे प्रमुख भव्य स्मारक शहर की संघर्षी वास्तुकला का उदाहरण हैं।

लखनऊ आपको अपनी स्वादिष्ट खाना-पीना के लिए भी प्रसन्न करेगा। यहां आपको अवधी रसोई की विविधता और स्वाद का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। टंडूल कबाब, गलौटी कबाब, मटन बिरयानी, और मखानमलाई की मिठाई जैसे स्थानीय व्यंजनों को चखना एक अनोखा अनुभव होगा।

लखनऊ आपके लिए भी शॉपिंग के शौकिनों के लिए एक स्वर्ग है। यहां आपको चिकनकारी, जर्दोजी, आदबी कढ़ाई, इंटरलॉकिंग ज्वेलरी, चिकन सूट्स, और चिकन सैरी जैसे प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों की विविधता मिलेगी।

लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भूलभुलैया, शाही बाग़, जामा मस्जिद, हुसैनाबाद इमामबाड़ा, और चोटी गढ़ शामियाना शामिल हैं। इन स्थानों की आवासीय संरचना, विचारशील वास्तुशास्त्र, और उनके इतिहासिक महत्व की वजह से, यहां आने वाले पर्यटकों को एक दर्शनीय संग्रहालय जैसा अनुभव प्रदान किया जाता है।

लखनऊ में घूमने की अच्छी जगह निम्नलिखित है :-

लखनऊ के प्रमुख पर्यटक स्थल का नामपता
रूमी दरवाजाहुसैनाबाद पुराना लखनऊ
गोमती रिवर फ्रंटगोमती नदी ,गोमती नगर मरीन ड्राइव के पास
बड़ा इमाबाड़ाहुसैनाबाद स्ट्रक्चर रोड, मच्ची भवन लखनऊ
जनेश्वर मिश्र पार्क गोमतीनगर लखनऊ , दयाल पैराडाइज होटल के पास
लोहिया पार्कगोमतीनगर लोहिया चौराहे पर गेट नंबर 2
अमीनाबाद मार्केटMumtaz Market, 27-52, Aminabad, Siraj Dokadia Rd, Aminabad, Lucknow, Uttar Pradesh 226018
अम्बेडकर पार्कVipul Khand 2, Vipul Khand 3, Vipin Khand, Gomti Nagar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010
दिलकुशा कोठीRXH7+FV5, Bibiapur Marg, Neil Lines, Cantonment, Lucknow, Uttar Pradesh 226002
घंटा घरHusainabad, Lucknow, Uttar Pradesh 226003
कुड़िया घाटMachchhi Bhavan, Lucknow, Uttar Pradesh 226003
हनुमान धाम मंदिरHanuman Setu, Babuganj, Hasanganj, Lucknow, Uttar Pradesh 226003
मरीन ड्राइवMarine Dr, Lucknow, Uttar Pradesh 226010
चिड़िया घरnear Civil Hospital, Narhi, Hazratganj, Lucknow, Uttar Pradesh 226001
सतखंडाVWF4+X9X, Husainabad Trust Rd, Husainabad, Lucknow, Uttar Pradesh 226003
ब्रिटिश ResidencyVW6G+7P3, Mahatma Gandhi Marg, Deep Manak Nagar, Qaisar Bagh, Lucknow, Uttar Pradesh 226001
चंद्रिका देवी मंदिरNH24 Lucknow-Sitapur Road Kathwara, Village, Lucknow, Uttar Pradesh 226202
छतर मंजिलVW5J+FQX, Mahatma Gandhi Marg, Qaisar Bagh, Lucknow, Uttar Pradesh 226001
ग्लोब पार्कVW4M+R7H, Qaisar Bagh, Lucknow, Uttar Pradesh 226001
Lulu MallAmar Shaheed Path, Golf City, Sector B Ansal API, Lucknow, Uttar Pradesh 226030

रूमी दरवाजा

Rumi gate lucknow

रूमी दरवाजा हमारे लखनऊ की शान है यह पुराने लखनऊ के हुसैनाबाद एरिया में बना हुआ है और इसको सिग्नेचर बिल्डिंग लखनऊ के नाम से भी जानाजाता है यहां पर कोई भी आता है तो सेल्फी जरूर क्लिक करता है और इस दरवाजे को नवाबों ने बनवाया था बनवाने का कारण बहुत रोचक है उससमय की बात है जब लखनऊ में बाढ़ आई थी चारों तरफ अकाल मचा हुआ था 

नवाब में एक तरकीब निकाली जिससे कि सभी लोगों को रोजगार मिलेजिसके चलते रूमी गेट को बनवाने का निर्णय लिया गया  दिन के समय में मजदूरों के द्वारा रूमी गेट का निर्माण कराया जाता और रात के समय मजदूरोंके द्वारा इसको गिराया जाता गिराने का कारण बस यही था कि मजदूरों को नौकरी मिली रहे जिससे कि उनका घर चले यहां के लोग इतने खुद्दार थे किनवाबों के द्वारा फ्री में दिए गए अनाज और पैसे भी नहीं लेते थे इसलिए रूमी गेट का निर्माण करवाया गया इस समय रूमी गेट लखनऊ का एक बहुत हीबड़ा अट्रैक्शन है हमारी लखनऊ शहर की धरोहर है

गोमती रिवर फ्रंट लखनऊ 

गोमती रिवरफ्रंट कि नाम से ही स्पष्ट है कि गोमती के किनारे बसा हुआ एरिया ही गोमती रिवर फंड कहलाएगा हमारे लखनऊ शहर के एकदम सेंटर मेंगोमती नगर के समतामूलक चौराहे के पास में बना हुआ गोमती रिवरफ्रंट है जहां पर आप सभी फैमिली और बच्चों को लेकर जा सकते हैं यहां पर अन्यप्रकार के पेड़ पौधे हैं और नदी के किनारे कभी बहुत ही खूबसूरत आता है यहां पर आप सभी लोग सेल्फी और फोटो जरूर लेकर आ सकते हैं यहां काटिकट का प्राइस ₹10 हैं और टाइमिंग की बात करी है तो सुबह 8:00 बजे से लेकर रात के 8:00 बजे तक खुला रहता है अगर आप लोग यहां पर आनाचाहते हैं तो अपने साधन और ऑटो से आ सकते हैं

बड़ा इमाबाड़ा

लखनऊ शहर में स्थित इमामबाड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यह अंदरूनी और बाहरी सुंदरता के साथ भारतीय संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। यहां के बड़े इमामबाड़े की पहचान उसकी मजेस्टिक आर्किटेक्चर, गंभीरता और इतिहासिक महत्व के कारण होती है। यहां इस स्थान के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं:

  1. नाम: इमामबाड़ा को आमतौर पर ‘बड़े इमामबाड़ा’ के नाम से जाना जाता है। इसका पूरा नाम ‘बड़े इमामबाड़ा असफ़ी’ है।
  2. स्थान: इमामबाड़ा लखनऊ के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र, अवध पुरी में स्थित है। यह भगवान गोमती नदी के किनारे स्थित है।
  3. आर्किटेक्चर: इमामबाड़ा का आर्किटेक्चर मुग़ल संस्कृति को प्रतिष्ठित करता है। इसकी मुख्यता भव्य गणेशद्वार और बाड़े चार मिनारों पर आधारित है।
  4. इतिहास: बड़े इमामबाड़ा का निर्माण नवाब असफ़-उद-दौला ने 1784 ई. में करवाया था। इसे अंदरूनी और बाहरी अंशों में महत्वपूर्ण और धार्मिक आयोजनों के लिए प्रयोग किया जाता था।
  5. बाड़े इमामबाड़ा की प्रमुख विशेषताएं:
    • बाड़ा चार मिनारों का मजेस्टिक दृश्य
    • एक महान मुग़ल गणेशद्वार
    • बड़ी और छोटी बाज़ार जहां आपको स्थानीय आदतों और कला-शिल्पी उत्पादों का अनुभव मिलता है
    • बड़े इमामबाड़ा के अंदर चार मीनारों के साथ एक बड़ा आंदलिबाग़
    • असफ़ीमा गंगा पुल, जो इमामबाड़ा को गंगा नदी से जोड़ता है

जनेश्वर मिश्र पार्क

जनेश्वर मिश्र पार्क के बारे में बात करें तो यह पार्क भारत का ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा पार्क है जो कि 786 एकड़ में फैला हुआ है और इस पार्क में हर वह सुविधाएं हैं जो किसी पार्क में होने चाहिए इस पार्क में बहुत ही बड़ा झंडा भी लगा हुआ है और इस पार्क में आउटडोर जिम वोटिंग फाउंटेन और बहुत सारी चीजें देखने के लिए हैं अगर आप सभी लोग यहां पर आ रहे हैं तो ऑटो से या फिर अपने साधन से आ सकते हैं

टिकट के प्राइस यहां पर 1 लोग का ₹10 है और टाइमिंग की बात करी है यहां पर आने की टाइमिंग सुबह 6:00 से रात के 9:00 बजे तक है सुबह 6:00 से 8:00 बजे तक यह पार्क फ्री होता है इस पार्क में सभी लोग घूमने जोगिंग करने एक्सरसाइज करने योगा करने के लिए आते हैं तो एक बार जरूर इस बात में आप सभी लोग आइएगा

राम मनोहर लोहिया पार्क

राम मनोहर लोहिया पार्क का निर्माण मुलायम सिंह जो कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं उन्होंने करवाया था और यहां पर आने के चार मुख्य गेट हैं आप किसी भी गेट से आ सकते हैं हरे गेट पर टिकट काउंटर बने हुए हैं एक व्यक्ति का टिकट ₹10 लगता है सुबह 9:00 से रात के 8:00 बजे तक खुला रहता है यहां पर अनेकों प्रकार के पेड़ पौधे हैं सुबह-सुबह सभी लोग यहां पर जागरण करने और योगा करने आते हैं यहां पर आप सभी लोग अपने बच्चों को जरूर लेकर आएं और पार्क में कुछ ऐसे पेड़ लगे हुए हैं जो कि आमतौर पर बहुत ही कम पाए जाते हैं

यहां पर आपको हजारों कि सूखे पेड़ पौधे और आउटडोर जिम के साथ-साथ बच्चों के लिए झूले और बहुत सारे सेल्फी प्वाइंट और फाउंटेन भी देखने को मिल जाएगा तो एक बार जरूर समय निकालकर आए , जिससे कि आप सभी लोग इस बार को पूरा घूम पाएंगे

अमीनाबाद मार्केट

अमीनाबाद मार्केट जो कि लखनऊ की बहुत ही प्रसिद्ध और पुरानी मार्केट में से एक है जहां पर आपको छोटी सी छोटी और बड़ी से बड़ी सभी चीजें बहुतही सस्ते दामों में मिल जाएगी यहां पर सभी लोग खरीदारी करने अलग-अलग शहरों से भी आते हैं 

आमतौर पर जितनी भी महिलाएं हैं यहां पर शॉपिंग करने के लिए जरूर आते हैं क्योंकि यहां पर बहुत ही सस्ते दामों में घर के सामान ,कपड़े और बर्तन,बुक्स सभी चीजें आपको यहां पर मिल जाएंगे अगर आप सभी लोग दूसरे शहर से हैं यहां पर आने का सही रास्ता यह है अगर आप रेल का माध्यम सुनतेहैं तो चारबाग रेलवे स्टेशन से ₹10 का ऑटो देकर अमीनाबाद मार्केट पर उतर सकते हैं और अगर आप सभी बस की सहायता से आ रहे हैं

 तो आलमबागबस स्टैंड से ₹20 खर्च करके अमीनाबाद मार्केट पहुंच सकते हैं और यहां पर आने से पहले आप सभी लोग अपने सामान की सुरक्षा जरूर करिएगाक्योंकि भीड़ भाड़ में कोई अनजान आदमी आपके सामान को चुरा सकता है बात करी जाए यह मार्केट जैसे कि दिल्ली की चांदनी चौक मार्केट है वही तरह की लखनऊ की चांदनी चौक कही जाती है

अम्बेडकर पार्क

अंबेडकर पार्क को पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश कि सुश्री मायावती जी ने बनवाया था और यहां पर पूरे पार्क में अधिकतर पत्थरों के बने हुई सारी चीजेंआपको देखने को मिलेंगे.

यहां पार्क बहुत ही बड़े एरिया में फैला हुआ है, तो आप सभी लोग कम से कम एक घंटा जरूर लेकर आइएगा इस पार्क को घूमने के लिए इस पार्क मेंबहुत ही अलग अलग प्रकार की और अनदेखी चीजें आपको देखने को मिलेंगे जैसे की पत्थर से बनी हुई बहुत सारी हथिया और बड़ी-बड़ी मूर्तियां, साथही साथ कुछ ऐसे पेड़ पौधे जिसको आपने कभी भी नहीं देखा होगा ,  एक पार्क का स्ट्रक्चर इंग्लैंड में बने एक पार्क  से मिलता जुलता है और इसकीखास बात यहां पर लगे हुए पत्थर से भीमराव अंबेडकर जी की मूर्तियां बनाई गई हैं और पार्क अंबेडकर जी को समर्पित है और यहां पर आने का सबसेसही समय नवंबर और फरवरी होता है जिसमें ना तो ज्यादा ठंडी और ना तो ज्यादा गर्मी पड़ती है इस पार्क में ₹15 का टिकट भी लगता है जिसकोआपको खरीदें इस बार को घूम सकते हैं

दिल्कुशा कोठी

दिलकुशा कोठी जो कि लखनऊ शहर के कैंट एरिया में बना हुआ बहुत ही पुराना स्ट्रक्चर है यह हमारे लखनऊ शहर की धरोहर है जहां पर इस समय बहुतही कम लोग आते हैं 1 तरीके से कह सकते हैं लखनऊ की छुपी हुई जगह में से एक है यहां पर बहुत ज्यादा शांति रहती हैं और यहां पर अलग-अलगप्रकार के पेड़ पौधे लगे हुए हैं इस जगह को नवाबों के समय में चारागाह और ठहरने के लिए उपयोग में लाया जाता था लेकिन इस समय इस कोठी कासंरक्षण आरकेलॉजिकल डिपार्टमेंट ऑफ इंडिया कर रही है जिससे कि यह बहुत ही सुरक्षित है 

 आप सभी लोग यहां पर सुबह 8:00 से रात्रि 7:00 तक जा सकते है 

घंटा घर

लखनऊ घंटाघर जोकि हुसैनाबाद ट्रस्ट मैं तैनात सर जॉर्ज कुपर ने 1881 ईसवी में बनवाया था इस समय भारत का सबसे ऊंचा घंटाघर है और इस समयजो कि चलती हालत में भी है इसमें आप सभी लोग सही टाइम भी देख सकते हैं और यहां पर बहुत सारी मूवी ओं की शूटिंग भी हुई है और वह सारी मूवीमें इस घंटे घर को भी दिखाया गया है यहां पर बना हुआ म्यूजिक फाउंटेन बहुत ही खूबसूरत और है अच्छा होता है जो कि रात में 8:00 बजे से शुरू होताहै पानी पर प्रोजेक्ट करके हमारे लखनऊ की संस्कृति और विरासत को दिखाया जाता है जिसको देखने के लिए दूर-दूर से सभी लोग आते हैं

कुड़िया घाट

कुड़िया घाट हमारे लखनऊ शहर का बहुत ही पुराना और प्रसिद्ध घाट है यहां पर सुबह सभी लोग टहलने और घूमने के लिए आते हैं कहा जाता है कि याघाट पहले कौटिल्य मुनि का आश्रम हुआ करता था बाद में धीरे धीरे घाट में तब्दील हो गया और अब इसे कौटिल्य मुनि का आश्रम नाक है कि कुड़ियाघाट के नाम से जानते हैं कुछ त्योहारों पर यहां पर मेले भी लगते हैं और यहां पर आना बहुत याद आता है यह जगह हुसैनाबाद घंटाघर के जस्ट पीछे पड़तीहै

हनुमंत धाम मंदिर

मैंने शांतनु और कहीं घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं वह भी लखनऊ में तो आप सभी लोगों के लिए यह मंदिर सबसे सही जगह है यह मंदिर पूरे उत्तर प्रदेश का सबसे खूबसूरत मंदिरों में से एक है लखनऊ के बीचों बीच में बना हुआ इस मंदिर का नाम हनुमंत धाम मंदिर है इस मंदिर में सवा लाख हनुमान जी की प्रतिमाएं देखने को मिलेंगे और यहां पर बहुत ही खूबसूरत फूल के पौधे और यहां पर आप सभी को महाकाली बहुत ही बड़ी प्रतिमा देखने को मिलेगी तो एक बार जरूर आप सभी लोग इस मंदिर पर आए और दर्शन करें

मरीन ड्राइव

मरीन ड्राइव मरीन ड्राइव शब्द तो आप सभी लोगों ने सुना ही होगा मशहूर मरीन ड्राइव मुंबई में है समुद्र के किनारे सभी लोग सुबह सुबह जाते हैं शाम के टाइम फैमिली के साथ बैठते हैं अच्छे सनसेट को देखते हैं वैसे ही हमारे लखनऊ शहर में भी एक मरीन ड्राइव है जहां पर सुबह शाम सभी लोग का ताता बैठा रहता है सभी लोग आकर बैठते हैं खुली हवाएं लेते हैं और इंजॉय करते . यहां पर एक सफेद संगमरमर से बनी हुई गौतम बुद्ध की मूर्ति की बनी हुई है जो कि देखने में बहुत विशाल खूबसूरत है

चिड़ियाघर

लखनऊ का चिड़ियाघर जिसे हम लोग वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन के नाम से भी जानते हैं कि हमारे लखनऊ शहर के मुख्यमंत्री निवास के पास में पड़ता है और यहां पर प्रदेश भर के दूर-दूर के लोग घूमने के लिए आते हैं बच्चे खासकर यहां पर आते हैं क्योंकि उनको यहां पर जानवर देखने को मिलते हैं हर एक प्रकार के जानवर आपको यहां पर देखने को मिलेंगे सिर्फ हाथी को छोड़कर और कुछ ऐसे भी हैं जिनको आप बहुत ही कमी चिड़ियाघर में पाएंगे ऐसे जानवर भी यहां पर रखे गए हैं जैसे शेर ,बाघ ,चीता ,घड़ियाल, मोर, बारहसिंघा ,शुतुरमुर्ग, बंदर, सरास, अजगर और बहुत सारे चीजें आपको यहां पर देखने को मिलेगा यहां का टिकट का प्राइस ₹80 है जो कि वह के लिए और बच्चों के लिए ₹50 लगता है

सतखंडा

सतखंडा नाम से ही पता लग रहा है सात खंडों से निर्मित इमारत खंडा कहलाई इसका निर्माण लखनऊ के नवाब ने करवाया था और इस समय यह प्राचीन धरोहर के रूप में एक टूरिस्ट स्पॉट बन गया है इसको देखने के लिए देश-विदेश के लोग आते हैं और रात में बहुत ज्यादा खूबसूरत लगता है इसका निर्माण नवाब ने अपनी बेटी के लिए कराया था बस वजह इतनी थी कि उनकी बेटी को चांद देखना था जिस पर चढ़कर चाल आसानी से दिखाई देता लेकिन इस बिल्डिंग का निर्माण पूरा होने से पहले ही नवाब का निधन हो गया है जिससे की बिल्डिंग का पूरा काम आज भी अधूरा पड़ा हुआ है

ब्रिटिश रेजिडेंसी

ब्रिटिश रेजिडेंसी अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति की साक्षी रही है इस जगह पर आज भी गोली और तोपों की गोली का निशान देखा जा सकता है यह बात उस समय की है जब 1857 में यह जगह अंग्रेजों का घर हुआ करते थे उस समय लखनऊ अवध कहलाता था और अब अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति का नेतृत्व लखनऊ की बेगम हजरत महल के द्वारा किया जा रहा था और उसी बीच जब अंग्रेजों और क्रांतिकारियों के बीच में लड़ाई हो रही थी तो क्रांतिकारियों द्वारा अंग्रेजों को ब्रिटिश रेजिडेंसी में ही घेराबंदी कर दिया गया था और इस क्रांति में हजारों लाखों लोग मारे गए आप सभी को यहां पर बहुत सारी खबरें अंग्रेजों की मिल जाएगी देखने को उस समय के जमाने में अंग्रेज किस तरह रहते थे आप को दिख जाएगा यहां पर जाने के लिए आप सभी को चारबाग से ऑटो पकड़ के आ सकते हैं या फिर अपने साधन से आ सकते हैं यहां पर ₹20 का टिकट लगता है जिसको आप सभी लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन के माध्यम से ले सकते हैं

चंद्रिका देवी मंदिर

चंद्रिका देवी मंदिर लखनऊ शहर का बहुत ही धार्मिक स्थल है दूर-दूर से लोग मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए आते हैं सुबह से यहां पर लंबी भीड़ लग जाती हैं हजारों लोग एक दिन में दर्शन करते हैं यहां पर आप सभी लोगों को तालाब भी देखने को मिल जाएगा जहां पर बहुत ही बड़ी शिव जी की प्रतिमा विराजमान है कहां जाता है यहां पर जो भी अपनी मनोकामनाएं मांगता है उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और या लखनऊ के थोड़ा आउट एरिया में पड़ता है लखनऊ सेंटर से 20 किलोमीटर दूर सीतापुर रोड पर चंद्रिका देवी का मंदिर स्थित है

छतर मंजिल

छतर मंजिल छतर मंजिल इस समय की बहुत ही पुरानी बिल्डिंग में से हमारे लखनऊ शहर में नवाबों का जब दौर था तब नवाब किस बिल्डिंग में रहते थे और एक तरीके से कह सकते हैं नवाबों का घर रहा करता था उस जमाने में इसके जैसे बगल में गोमती नदी बहती है इस समय तो या खंडहर की तरह पड़ा हुआ है यहां पर कोई भी नहीं आता जाता और छतर मंजिल के मुख्यता दो गेट एक नदी के साइड खुलता था एक रोड के साइड खुलता था नदी के साइड वाला प्रमुख द्वार था जो कि इस समय बंद है और दूसरा द्वारा इस समय खुला हुआ है

ग्लोब पार्क

ग्लोब पार्क के नाम से ही अस्पष्ट है इस पार्क में आपको ग्लोब देखने को मिलेगा और साथ ही साथ बहुत सारे पेड़ पौधे यहां पर लगे हुए है,हजरतगंज में स्थित बेगम हजरत महल के पार्क के सटा हुआ यह वर्ग बना हुआ है इस समय यहां पर बहुत ही कम ही लोग आते हैं यहां पर कोई भी टिकट नहीं लगता है यहां सुबह सुबह स्थानीय लोग आते हैं घूमने के लिए. आप सभी लोग यहां पर जब भी जाएं बहुत ही बड़ा globe देखने को मिलेगा क्योंकि पार के जस्ट बीच-बीच में बहुत ही विशालकाय सीमेंट से बना हुआ लोग बना हुआ है जिसमें सभी देशों को दर्शाया गया है

Lulu Mall

लुलु मॉल हमारे लखनऊ शहर के सुशांत गोल्फ सिटी में बना हुआ है या भारत का ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा मॉल है इसका एरिया बहुत ज्यादा है यहां पर घूमने के लिए आपको कम से कम 5 से 6 घंटे चाहिए होंगे यहां पर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी सारी चीजें आपको देखने को मिल जाएंगे घर का सामान या फिर शादी से लेकर कपड़े या कोई भी चीज हो यहां पर आपको सभी चीजें मिल जाएंगे और यहां पर नेशनल से लेकर इंटरनेशनल बहुत सारे प्लान उपलब्ध है या मौला टोटल ₹300 है सबसे ऊपर फूड को भी देखने को मिलेगा इस फूड कोर्ट में एक साथ 16 लोग बैठ कर खाना खा सकते हैं और यहां पर एक अलग वर्ग है जिसका नाम हाइपरमार्केट है वहां पर डेली लाइफ के सभी चीजें बर्तन खाने के सामान आपको बहुत ही सस्ते दामों में मिल जाएंगे तो यहां पर आप कब आ रहे हैं कमेंट में जरूर बताइएगा

लखनऊ के यह सभी जगहों को कैसे घूमे ?

लखनऊ की इन सभी जगहों को घूमने के लिए एक दिन काफी नहीं है आपको कम से कम एक हफ्ता लेकर चलना पड़ेगा .

लखनऊ आप उस समय आए जिस समय न तो ज्यादा ठंडी और ना तो ज्यादा गर्मी पड़ रही हो जैसे कि नवंबर और फरवरी का महीना सबसे अच्छा है लखनऊ शहर घूमने के लिए लखनऊ शहर में बहुत सारे पार्क और बहुत सारे धार्मिक स्थल के अलावा पुराने नवाबों के बनाए हुए स्ट्रक्चर जिसको देखकर आप देखते रह जाएंगे

अगर आप सभी लोग पुरानी जगहों को देखने में रुचि रखते हैं तो यह जगह आपके लिए हैं :-

1 – रूमी दरवाजा

2- बड़ा इममबाड़ा

3- घंटाघर

4- पिक्चर गैलरी

5- दिलकुशा कोठी

6- British Residency

और भी बहुत सारी जगह है जहां पर आप सभी लोग घूम सकते हैं

लखनऊ शहर के प्रमुख पार्क जिनको आप 1 दिन में घूम सकते हैं

1- अंबेडकर पार्क

2- लोहिया पार्क

3- जनेश्वर मिश्र पार्क

4- गोमती रिवर फ्रंट

5- इको गार्डन

लखनऊ में प्रमुख खाने की जगह

1- प्रकाश की कुल्फी

2- टुंडे कबाब

3- लल्ला बिरियानी

4- बास्केट चाट

5- शुक्ला जी की चाट

6- सेहत इंदौरी पोहा

7- चटोरी गली

लखनऊ में घूमने का खर्च

लखनऊ की उत्तर प्रदेश की राजधानी है यहां पर घूमने का खर्च अन्य शहरों की तुलना में कम है और कहा जाए अगर एक आदमी सारा दिन लखनऊ शहर की अलग-अलग जगहों पर घूमना चाहता है तो कम से कम मुझसे ₹2000 लेकर चलने होंगे

लखनऊ शहर को घूमने के लिए आप के साधन का प्रयोग कर सकते हैं

1- सरकारी बस

2- मेट्रो

3- टेम्पो

4- taxi ( ola , Uber )

FAQ

लखनऊ शहर का पुराना नाम क्या है ?

लखनऊ शहर को पुराने समय में लक्ष्मण नगरी के नाम से जाना जाता था क्योंकि इस शहर को लक्ष्मण भगवान ने बताया था ,

What is Lucknow famous for?

Lucknow is popularly known as the The City of Nawabs.It is also known as the Golden City of the East, Shiraz-i-Hind and The Constantinople of India.

Is Lucknow a city or district ?

Lucknow is the capital city of Uttar Pradesh and it has always been a multicultural city.

Which food is famous in Lucknow?

Famous Foods of Lucknow You Must Try

  • 1) Tunday Kebab. This famous Lucknow delicacy has been around for over 100 years. … 
  • 2) Basket Chaat. … 
  • 3) Kulfi Faluda. … 
  • 4) Kakori Kebab. … 
  • 5) Roomali Roti. … 
  • 6) Shami Kebab. … 
  • 7) Galawati Kebab. … 
  • 8) Lucknowi Paan.

Which fruits is Lucknow city famous for?

Lucknow city is the home to its world famous Dussehri variety of mangoes. The city folks share a special fondness for mangoes but other fruits such as litchi, guavas, papaya, bananas, oranges, and melons too find a place in the city households.

निष्कर्ष –

मैंने आप सभी लोगों को हमारे lucknow me ghumne ki jagah और खाने की जगह के बारे में बता दिया है

और आई हो कि अब आप सभी लोगों को कोई भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा अगर आप हमारे लखनऊ शहर मैं घूमने के लिए आ रहे हैं और अगर आप सभी लोगों को लगता है कि और भी कुछ जगह है बाकी रह गई हैं तो उनको भी आप सभी लोग कमेंट करके बता दीजिए मैं उनको भी अपने ब्लॉग के माध्यम से कवर कर दूंगा

1 thought on “25 + लखनऊ में घूमने की जगह | lucknow me ghumne ki jagah”

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